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VSSD COLLEGE
Vikramajit Singh Sanatan Dharma College, Nawabganj, Kanpur
Accredited ‘A’ Grade by NAAC
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Glorious 100 Years

उच्चतर मानवीय मूल्यों की प्रतिष्ठा, शिक्षा एंव संस्कृति के प्रचारार्थ कानपुर में सन् 1910 ई. में श्री ब्रह्मावर्त सनातन धर्म महामण्डल की स्थापना हुई। स्वामी ज्ञानानन्द जी (काशी) के सुयोग्य शिष्य स्वामी दयानन्द जी के मार्गदर्शन में राय बहादुर विक्रमाजीत सिंह जी ने सनातन धर्म महाविद्यालय की स्थापना सनातन धर्म कालेज ऑफ कामर्स के रूप में सन् 1921 ई. में की। यह महाविद्यालय उत्तर भारत का पहला कामर्स कालेज था और बाम्बे विश्वविद्यालय से सम्बद्ध था। 

1923 ई. में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से सम्बद्ध हुआ। उन दिनों वाणिज्य की शिक्षा प्राप्त करने हेतु देश के कोने कोने से विद्यार्थी यहां आते थे। सन् 1925 में अर्थशास्त्र विषय में स्नाकोत्तर की शिक्षण व्यवस्था के साथ कला संकाय प्रारम्भ हुआ। सन् 1927 में हिन्दी एवं संस्कृत विषयों में स्नाकोत्तर की शिक्षा का अग्रणी केद्र बना। सन् 1928 में जब आगरा विश्वविद्यालय ने एक वृहद परीक्षा संस्था के रूप में कार्य करना प्रारम्भ किया तब यह संस्था उस विश्वविद्यालय का प्रमुख शिक्षा केन्द्र हो गया। 1928 में ही यहां विधि संकाय प्रारम्भ हुआ। वाणिज्य, कला और विधि संकाय के साथ यह महाविद्यालय उन दिनों देश के पचास शीर्ष शिक्षण संस्थाओं में एक था। सन् 1957 ई. में विज्ञान संकाय की स्थापना हुई तथा सन् 1964 में विज्ञान संकाय में स्नाकोत्तर एवं समस्त पाठ्य विषयों में परास्नातक एवं शोध कार्य की सुविधा प्रारम्भ हुई। सन् 1967 में कानपुर विश्वविद्यालय की स्थापना के साथ यह महाविद्यालय, विश्वविद्यालय का प्रमुख शिक्षा केन्द्र बना। सन् 1973 ई. में बी.एड. तथा 1993 में एम.एड. की कक्षाएं प्रारम्भ हुई। सन् 2002 ई. में बी.पी.एड. सन् 2007 में एम.पी.एड. तथा 2014 में डी.एल.एड. सन् 2019 में बी.ए.एल.एलबी. पाठ्यक्रम का शिक्षण कार्य प्रारम्भ हुआ। वर्तमान में यह सम्पूर्ण प्रदेश का एकमात्र ऐसा महाविद्यालय है, जहां छः संकाय संचालित हैं सह शिक्षा के इस महाविद्यालय को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) द्वारा सन् 2009 ई. तथा सन् 2016 ई. में ‘ए’ ग्रेड प्रदन किया गया है।