वी.एस.एस.डी. कॉलेज के वाणिज्य संकाय द्वारा 18 फ़रवरी, 2026 को केंद्रीय बजट 2026-27 विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया ।
Published: February 19, 2026
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कार्यक्रम के मुख्य वक्ता वरिष्ठ चार्टर्ड एकाउंटेंट श्री नवीन भार्गव द्वारा बजट पर बताया कि सरकार द्वारा कर कैसे लिया जाना चाहिए।कर को नदी की वाष्प (भाप )की तरह लेना चाहिए व वर्षा की तरह वापस करना चाहिए। साथ ही कहा कि वर्ष 2026- 27 से नए आयकर कानून में Assessment year व Previous year को समाप्त कर केवल Tax year की अवधारणा को शामिल किया गया है। उन्होंने आगे बताया कि ईमानदारी पूर्वक कर देने वाले व GDP में सक्रिय योगदान करने वाले ईमानदार करदाताओं की पहचान कर सरकार उनकी सामाजिक आवश्यकताओं को पूरा करें। संकायाध्यक्ष प्रो० मनोज अवस्थी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए केंद्रीय बजट पर कहा कि सरकार का आर्थिक वित्तीय विवरण होता है जिसमें सरकार की अनुमानित आय-व्यय का अनुमान होता है इसका प्रमुख उद्देश्य आर्थिक नीतियों का निर्धारण ,वित्तीय संसाधनों का आवंटन वआर्थिक विकास को बढ़ावा देना है। प्राचार्य प्रो. नीरू टंडन ने कहा कि भारत के बजट पर पूरे विश्व की नज़र रहती है बजट देश की दशा व दिशा को निर्धारित करता है।संचालन करते हुए श्री जे पी यादव ने कहा कि व्यक्ति को पैर उतना फैलाना चाहिए जितनी लंबी चादर हो अर्थात आय के अनुसार ही व्यय करना चाहिए अन्यथा व्यक्ति आर्थिक संकट में फँस सकता है। धन्यवाद कार्यक्रम संयोजक श्री दिलीप कुमार जी द्वारा दिया गया। कार्यशाला का प्रारंभ महाविद्यालय की प्रार्थना से हुआ। प्रमुख रूप से उपस्थित प्रो. संजीव शुक्ला प्रो. बी के दीक्षित, प्रो.पंकज पाण्डेय, प्रो.नंदलाल ,डॉ अजय शुक्ला, डॉ ओ पी जायसवाल, डॉ अभिषेक कुमार , डॉक्टर अंशु सिंह सेंगर ,श्री ध्रुवा चंद्र, डॉ राम तिवारी, व वाणिज्य संकाय के रीसर्च स्कॉलर व छात्र छात्रायें उपस्थित रहे।