दिनांक 14 मार्च, 2026 को अंतरराष्ट्रीय गणित दिवस एवं Pi day के अवसर पर विक्रमाजीत सिंह सनातन धर्म कॉलेज, कानपुर के गणित विभाग द्वारा “भारतीय ज्ञान परम्परा में वैदिक गणित की भूमिका” विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया।
Published: March 14, 2026
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इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को वैदिक गणित की उपयोगिता तथा भारतीय ज्ञान परंपरा में उसके महत्व से परिचित कराना था। कार्यक्रम का शुभारम्भ प्रो. आलोक मालवीय द्वारा अतिथियों के स्वागत वक्तव्य से हुआ। महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. नीरू टंडन ने अपने संबोधन में वैदिक गणित के महत्व तथा इस प्रकार की शैक्षणिक कार्यशालाओं की आवश्यकता पर प्रकाश डाला और विद्यार्थियों को गणित के अध्ययन के प्रति प्रेरित किया। गणित विभाग की अध्यक्ष प्रो. मंजरी श्रीवास्तव ने पाई दिवस के महत्व तथा गणित के प्रसिद्ध नियतांक पाई (π) के बारे में जानकारी दी। उन्होंने भारतीय ज्ञान परम्परा में वैदिक गणित की भूमिका और उसकी समकालीन प्रासंगिकता पर विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रो. ए. एल. पाठक, विभागाध्यक्ष, गणित विभाग, बी. एन. डी. कॉलेज, कानपुर ने अपने व्याख्यान में भारतीय ज्ञान परंपरा में वैदिक गणित की भूमिका एवं महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वैदिक गणित गणनाओं को सरल और तीव्र बनाने के साथ-साथ हमारी समृद्ध सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत का भी प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी भारतीय ज्ञान परंपरा पर गर्व करने तथा उसे आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। कार्यशाला में क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर से प्रो. निरंजन स्वरूप ने भी सहभागिता की।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक प्रो आनन्द शुक्ला, प्रो. पी एस डोबाल, प्रो मंजू द्विवेदी, प्रो. नन्द लाल, प्रो दीप्ति रंजन, डॉ. अजीत कुमार, डॉ. ज्ञान प्रकाश, डॉ अनुराधा तिवारी, डॉ. किरन सिंह, डॉ राम तिवारी, डॉ शालिनी, डॉ. ब्रजेश नैन्वी, डॉ. संगीता, डॉ. कविता, डॉ. रिचा राठौर आदि विभिन्न संकायों के शिक्षक, शोध छात्र तथा स्नातक एवं परास्नातक के विद्यार्थी उपस्थित रहें।
कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. संजीव कुमार सिंह द्वारा किया गया। अंत में प्रो. परिजात सिन्हा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।