कालेज सभागार में सेकेंड इनिंग्स वूमेन थिएटर और विक्रमजीत सिंह सनातन धर्म कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 25 अप्रैल, 2026 को कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
Published: April 27, 2026
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By VSSD Content Uploader
क्रांतिवीर रामप्रसाद बिस्मिल और अशफाक उल्लाह खान को दो अलग-अलग शहरों में फांसी दिए जाने के बाद वह आज दूसरी दुनिया में बैठकर अपने वतन को निहार रहे हैं। पहलगाम में आतंकियों की करतूत दोनों को आहत करती है। अशफाक अपने धर्म के लोगों की करतूत से दुखी हैं। बिस्मिल का तो खून खौल उठता है। उन्हें गुस्सा आ रहा है कि धर्म पूछ कर मारा गया और विरोध नहीं हुआ। ये दृश्य एसडी कॉलेज सभागार में सेकेंड इनिंग्स वूमेन थिएटर और विक्रमजीत सिंह सनातन धर्म कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में पूछ रहा है आज वतनश् नाटक के मंचन के दौरान देखने को मिले।
नाटक में दिखाया गया कि क्रांतिवीर रामप्रसाद बिस्मिल और अशफाक उल्लाह खान दूसरी दुनिया में बैठकर भारत को देख रहे हैं। जल्दी ही उनके बलिदान के सौ साल पूरे होने वाले हैं। उनको ये भी नहीं पता कि देश के टुकड़े होने के बाद वे किस हिस्से में आए हैं। 1947 का दहशत भरा मंजर, हिंदू-मुस्लिम झगड़े उनको झकझोर देते हैं। वह प्रण लेते हैं कि किसी भी राजनेता से नहीं मिलेंगे पर पं. दीनदयाल उपाध्याय से मिल कर नई कहानी से रूबरू होते हैं। पं. दीनदयाल कहते हैं कि ज्यादातर भारतीयों को देशभक्ति एक चिंगारी की तरह छूती है, पर ज्वाला नहीं बन पाती। कारगिल युद्ध पर उन्हें गर्व तो होता है पर अंदर से तोड़ भी देता है। हरिश्चंद्र का नक्कारे और गुरुजीत सिंह के गायन से नाटक मंचन में नौटंकी की झलक भी देखने को मिली। बिस्मिल के रूप में अजीत पाल, अशफाक के रूप में आयुष, पं. दीनदयाल के रूप में प्रभात सिंह, कारगिल शहीद फौजी के रूप में जय शुक्ला ने अभिनय किया। अरुणिमा मिश्रा द्वारा लिखित, रूपीना मिश्रा व अन्नू गोयल द्वारा निर्देशित नाटक मंचन देशभक्ति का संदेश देने में सफल रहा।
कार्यक्रम को सफल बनाने के लिये महाविद्यालय की प्राचार्य, प्रो0 नीरु टण्डन, रसायन विभाग की असिस्टेन्ट प्रोफेसर, डाॅ0 कविता श्रीवास्तव, गणित विभाग के असिस्टेन्ट प्रोफेसर, डाॅ0 संजीव कुमार सिंह आदि गणमान्य महानुभाव उपस्थित रहे।